गोंडपिपरी : तालुका के वढोली गांव में शराब दुकान के विरोध में ग्रामीणों द्वारा शुरू किए गए संघर्ष को आखिरकार सफलता मिल गई है. एस.के. बीयर बार एंड रेस्टोरेंट को स्थायी रूप से बंद रखने के आदेश प्रशासन ने जारी किए हैं.A permanent lock was imposed on the disputed bar in Vadholi
ग्रामीणों के लगातार विरोध और आंदोलन के बाद प्रशासन के इस निर्णय से गांववासियों में संतोष का माहौल है.
विगत 19 जून को वढोली में शराब दुकान शुरू किए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने करीब 10 घंटे तक गोंडपिपरी-मूल मार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन किया था. तत्कालीन उपविभागीय दंडाधिकारी अर्जुन पावरा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था. कानून-व्यवस्था को देखते हुए महाराष्ट्र शराबबंदी अधिनियम के तहत 20 से 30 जून 2026 तक बार बंद रखने के आदेश दिए गए थे.
ग्रामसभा के फैसले ने भी बढ़ाया दबाव
वढोली गांव में पिछले करीब 30 वर्षों से शराबबंदी लागू है. इससे पहले भी ग्रामीणों ने गांव में संचालित देशी शराब की दुकान बंद कराई थी. ग्रामसभा के प्रस्ताव और ग्रामीणों के विरोध के बावजूद शराब दुकान शुरू किए जाने से गांव में आक्रोश फैल गया था.
इसके बाद एस.के. बीयर बार एंड रेस्टोरेंट, एफएल-3 अनुज्ञप्ति क्रमांक 471 को तत्काल प्रभाव से बंद रखने के आदेश जारी किए गए.जिलाधिकारी वसुमना पंत ने 18 अगस्त 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट किया कि मुंबई विदेशी मद्य नियम 1953 के नियम 46-बी के प्रावधानों के अधीन बार का अन्य उचित एवं पात्र स्थान पर स्थानांतरण होने तक मौजूदा जगह पर शराब दुकान बंद ही रहेगी.
52 ग्रामीणों पर दर्ज हुए थे मामले
शराब दुकान के विरोध में चलाए गए आंदोलन के दौरान गांव के 52 नागरिकों के खिलाफ मामले भी दर्ज किए गए थे.इसके बावजूद ग्रामीणों ने अपना संघर्ष जारी रखा और प्रशासन के समक्ष लगातार मांग उठाते रहे.आखिरकार उनके लगातार प्रयासों को सफलता मिली और प्रशासन ने बार को मौजूदा स्थान पर बंद रखने का निर्णय लिया.
‘यह ग्रामीणों की एकजुटता की जीत’
“सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक क्षेत्र में वढोली गांव हमेशा आगे रहा है. आने वाली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण शराब के खिलाफ मजबूती से खड़े हुए. इससे पहले भी गांव में देशी शराब की दुकान बंद कराई गई थी. इस बार भी 10 घंटे के रास्ता रोको आंदोलन और विशेष ग्रामसभा के माध्यम से ग्रामीणों ने अपनी एकजुटता, प्रतिबद्धता और भाईचारा साबित किया है। यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे गांव की एकजुटता की जीत है.”
— सूरज माडूरवार, सामाजिक कार्यकर्ता, वढोली
‘गांववासियों की एकजुटता को समर्पित है फैसला’
“गांव में पिछले 40 वर्षों से शराबबंदी है. हाल ही में प्रशासन द्वारा हम गांववासियों पर शराब दुकान थोपने का प्रयास किया गया था.सभी ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस निर्णय का विरोध किया और आखिरकार इसे निरस्त कराने में सफलता मिली. यह निर्णय गांववासियों की एकजुटता को समर्पित है.”
— राजेश कवठे, सरपंच/प्रशासक, ग्राम पंचायत वढोली
0 comments:
Post a Comment