मुल / नासीर खान :- दि. 23 की संध्या के समय बेमौसम बरसात ने बाजार समिती प्रशान की लापरवाहियों को उजागर करते यह दर्शा दिया है की बाजार समिती किसान हित में नही है. हजारो क्विटंल धान पानी से खराब हो गया. किसान के हुए इस भारी नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार ? बाजार समिती प्रशासन, बाजार समिती पर आसीन सत्ताधारी या फिर धान की फसल उगाने वाले किसान. !!
बरसात के कारण हमेशा किसान का ही नुकसान होता आया है लेकीन बाजार समिती मे खुले में रखे किसानों के हजारो क्विंटल धान के हुए नुक्सान के लिए जनचर्चा के बिच बाजार समिती के लापरवाह व्यवस्थापन को ही ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है.
जानकारी के अनुसार बाजार समिती के सचिव अजय गंटावार बिमारी के चलते लगभग 4 महीने से छु्ट्टी पर है और उन्होने अपना पदभार किसी को सौंपा नही है. पदभार ना सौंपने के कारण किसानों के धान खुले में पडे रहे अगर यह कहकर अपनी ज़िम्मेदारी झटकने का प्रयास किया जा रहा है तो यह बात हजम होने वाली नही है. यहां किसानो का नुक्सान हुआ हैं किस कारण हुआ है यह बात मायने नही रखती. नुक्सान के लिए पुरी तरह बाजार समिती ज़िम्मेदार है नुक्सान भरपाई की मांग अगर किसान करता है तो हुए नुक्सान का मुआवजा बाजार समिती को देना ही पडेगा ऐसा जानकारों का मानना है !
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