बल्लारपुर: कचरा प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक अभिनव पहल करते हुए बल्लारपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT), बल्लारपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्रों ने ‘Waste to Electricity Generation Using Flame-Driven Solar Energy Conversion’ विषय पर एक मिनी प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक विकसित किया है।
Electricity from garbage! BIT students create unique 'waste to electricity' model, new hope in environment and energy sector
इस प्रोजेक्ट को मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र श्री रोहित बिस्वास, श्री मोहम्मद हुज़ैर एवं श्री अमन सिंह ने तैयार किया। इस परियोजना में अपशिष्ट पदार्थों तथा सौर तापीय ऊर्जा के संयोजन से विद्युत उत्पादन की एक नई और उपयोगी तकनीक प्रस्तुत की गई है, जो न केवल ऊर्जा संकट को कम करने में सहायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को भी बढ़ावा देती है।
इस प्रोजेक्ट का मार्गदर्शन विभागाध्यक्ष एवं प्रोजेक्ट गाइड प्रो. प्रशांत वालके द्वारा किया गया। उनके कुशल मार्गदर्शन और प्रेरणा से विद्यार्थियों ने इस नवाचार को सफलतापूर्वक साकार किया।
संस्थान के चेयरमैन श्री संजय वासड़े, प्राचार्य डॉ. रजनीकांत मिश्रा, डीन अकादमिक्स डॉ. सत्यानारायण तथा डीन रिसर्च डॉ. जेड. जे. खान के नेतृत्व में विद्यार्थियों को अनुसंधान, नवाचार और प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षा के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इस उपलब्धि में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. भगवत ढेकवार, प्रो. जाहिद अंसारी, प्रो. विपीन दाभरे, प्रो. स्नेहल बेसेकर, प्रो. अविनाश खंडेराव, प्रो. सतीश जाधव तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके तकनीकी सहयोग, प्रयोगशाला सुविधाओं और निरंतर मार्गदर्शन ने इस परियोजना को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
यह मिनी प्रोजेक्ट बल्लारपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
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