मुल / वि.प्र. नासीर खान:-
रय्यत नागरी सहकारी पतसंस्था मुल मे बडे पैमाने पर भ्रष्टाचार होने की शिकायत करने वालों मे रूमदेव गोहने,प्रशांत आबाजी भरतकर को पहले ही संचालक पद से खारीज कर दिया गया है कुछ तो पहले ही संस्था से निकाले जा चुके है तो कुछ का इस संस्था से कोई संबध नही है.New Twist in the Rayyat Nagari Cooperative Credit Society Case: Complainant Sardar Vinod Bharatkar Himself Turns Out to Be the Embezzler of ₹15 Lakhs; Returns ₹5 Lakhs and Tenders a Written Apology.
संस्था मे लाखों का गबन हुआ है इस बात को मान्य करते हुए संस्था अध्यक्ष निपचंद शेरकी ने पत्रकार परिषद मे स्पष्ट किया है के गबन कर्ता शिकायत कर्ताओं का सरदार विनोद आबाजी भरतकर है जिसने पुलिस मे रिपोर्ट नही करने के लिए अपनी पत्नी को आगे किया, हाथ पैर जोडे और 5 लाख रूपये जमा भी किए, लिखित में माफी नामा भी दिया है अभी और 10 लाख उस पर बाकी हैं. जांच जारी है और भी कुछ रक्कम गबन किए जाने का मामला उजागर हो सकता है.निष्काषित संचालक रूमदेव गोहणे ने संचालक रहते हुए 2004 मे पत संस्था से कर्ज उठाया था जिसकी भरपाई उन्होने नही की उनपर वसुली की कारवाई चल रही है.
संस्था अध्यक्ष निपचंद शेरकी द्वारा पत्रकार परिषद मे अन्य जानकारीयां भी सामने रखे जाने से यह स्पष्ट हुआ जा रहा है के संस्था संचालक मंडल और अध्यक्ष के खिलाफ की गयी लंबी चौडी शिकायत के पिछे अपने गैर व्यवहार और किये गये गलत कारनामो पर आगे की जांच रोके जाने के लिए दबाव बनाना है. आगे अध्यक्ष का कहना यह रहा के पत संस्था मे जनता की मेहनत खुन पसीने की कमाई का पैसा जमा है उसे गबन करने वालो को छोडा नही जाएगा. आर डी खातो की बारीकी से जांच की जा रही है, पुरी जांच होने पर और भी कुछ लोग गबन के मामले मे जुड सकते है जिनके नाम और हस्ताक्षर अध्यक्ष के खिलाफ दी गयी शिकायत मे दर्ज है.
पुछे गये एक सवाल आपके द्वारा पुलिस मे शिकायत क्यों नही टी गयी? जवाब मे संस्था अध्यक्ष शेरकी ने कहा के अभी हमारी जांच संस्था स्तर पर जारी है सभी आरडी खातों की पुरी जांच होने पर पुलिस मे रिपोर्ट की जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी किसी को भी बख्शा नही जाएगा.
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