तलोधी बा / नासीर खान :-बारीश का ना होना बैंक का कर्ज़ा और किसान की आत्म हत्या ने बता दिया के सरकार की मदद हाथी मुंह में जिरा के समान होगी, उसमें ना परिवार पाला जा सकता है ना कर्ज अदा हो सकता है। ऐसे हालात में आत्म हत्या ही एक रास्ता है जिससे वह हमेशा के लिए चिंता मुक्त हो सकता है, शायद यही सोचकर दि.11 की सुबह 8 बजे तालाब में कुद कर मुखरू दडमल उम्र 55 वर्ष निवासी मिंथूर, तालुका नागभिड, ने आत्म हत्या कर ली। इस आत्म हत्या ने अन्य किसान परिवार की चिंता बढा दी है क्यो उनके परिवार का चालक भी कर्ज में डुबा हुआ है और सरकार की मदद से उनका कर्ज हलका होने वाला नही है।
Hit by drought, burdened by microfinance debt… Minthoor farmer Suicides!
चंदपुर जिले की तहसिल नागभिड के अंतर्गत आने वाले मिंथूर ग्राम का निवासी था 55 वर्षिय मुखरू लक्ष्मण दडमल। मुखरू की पत्नी ने पुलिस को बताया के उसके पती ने माईक्रो फायनंस से कर्ज उठाया था यह सोचकर के फसल निकलने पर कर्ज लौटा देगा। लेकीन इस बार बारीश ने धोका दिया। बस इसी चिंता मे डुबा हुआ था के कर्ज कैसे अदा होगा और परिवार का पालन पोषण वह कैसे करेगा।
सुचना मिलते ही नागभिड पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गयी। थानेदार कोकाटे के मार्गदर्शन में तालाब मे जांच आरंभ कर दी गयी। समाचार लिखने तक आत्महत्या ग्रस्त किसान की लाश नही मिली थी। सुबह 10 बजे से तालाब में तलाशी अभियान जारी था संध्या को लाश पुलिस के हाथ लगने की जानकारी प्राप्त हुई है !
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