मूल / प्रतिनिधि – नासीर खान
मूल नदी के पास आकापुर स्थित खतरनाक मोड़ पर आखिरकार वह हो गया, जिसकी आशंका पहले से जताई जा रही थी। बीती रात दिनांक 3 जनवरी को लगभग 11.30 से 12 बजे के बीच मज़दूरों को लेकर आंध्रप्रदेश जा रही एक निजी ट्रैवल्स बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में एक मज़दूर की बस के नीचे दबने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे की सूचना मिलते ही मूल पुलिस की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। एम्बुलेंस के पहुंचने का इंतज़ार किए बिना पुलिस ने अपनी गाड़ियों से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। वहीं, आकापुर के स्थानीय नागरिकों ने भी सराहनीय सहयोग करते हुए बस के नीचे दबे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। बाद में क्रेन की सहायता से बस को सीधा किया गया और उसमें फंसे गंभीर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
गौरतलब है कि इस दुर्घटना की आशंका दि चंद्रपुर टाइम्स ने पहले ही जताई थी। 19 दिसंबर को प्रकाशित समाचार “आकापुर के खतरनाक मोड़ पर 20 चक्का पलटी : कुंभकर्ण की नींद सो रहा शासन-प्रशासन” में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई थी कि यदि इस खतरनाक मोड़ की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो बड़ा हादसा अवश्यंभावी है।
समाचार में यह भी उल्लेख किया गया था कि इस मोड़ की समस्या का समाधान न तो संबंधित विभाग कर पा रहा है और न ही सरकार की ओर से कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है। हर 8 से 15 दिन में यहां ट्रकों के पलटने की घटनाएं आम हो चुकी हैं, बावजूद इसके न तो बायपास, न चौड़ीकरण और न ही सुरक्षा उपायों पर कोई गंभीर ध्यान दिया गया।
यह भी सवाल उठाया गया था कि क्या इस क्षेत्र के विधायक सुधीर मुनगंटीवार की नजर में यह खतरनाक मोड़ अब तक नहीं आया, या फिर स्थानीय भाजपा नेताओं ने यह समस्या उनके समक्ष रखी ही नहीं। दुर्भाग्यवश, जिस आशंका को शब्दों में व्यक्त किया गया था, वही आज हकीकत बनकर सामने आ गई।
अब सवाल यह है कि क्या एक और निर्दोष जान जाने के बाद शासन-प्रशासन इस खतरनाक मोड़ को लेकर गंभीर होगा, या फिर अगली दुर्घटना का इंतज़ार किया जाएगा।
0 comments:
Post a Comment